आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान में ईंधन और ऊर्जा संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। देश में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) की भारी किल्लत के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में आसानी से मिलने वाला 12 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर अब आसमान छूते हुए 7,000 पाकिस्तानी रुपये (PKR) के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। कुछ समय पहले तक जो सिलेंडर लगभग 4,500 रुपये में मिलता था, उसके दामों में अचानक 56 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस गंभीर संकट की मुख्य वजह पिछले महीने से ईरान सीमा का बंद होना है, जिसके कारण नियमित रूप से होने वाली गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
ईरान के साथ दो प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग बंद होने से पाकिस्तान में रोजाना आयात होने वाली करीब 7,000 मीट्रिक टन एलपीजी की आवक रुक गई है। बलूचिस्तान सरकार द्वारा सुरक्षा और तस्करी रोकने के नाम पर उठाए गए इस कदम का सबसे बुरा असर सार्वजनिक परिवहन और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। लाहौर में लगभग 70 प्रतिशत ऑटो-रिक्शा और हजारों की संख्या में चिंची रिक्शा इसी गैस पर निर्भर हैं, जिसके कारण चालकों की दैनिक कमाई घटकर आधी से भी कम रह गई है।
महंगाई के इस दौर में गैस और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना असंभव होने के कारण गरीब परिवारों को मजबूरन दिन में तीन की जगह केवल दो वक्त ही भोजन करने पर विवश होना पड़ रहा है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने बढ़ती महंगाई दर (9.6%) को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों को 12 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, लेकिन आम नागरिकों के लिए राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।