वाशिंगटन/नयी दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को वाशिंगटन में उच्च स्तरीय वार्ता का आगाज हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना उत्साह साझा किया। उन्होंने भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि एक व्यापक व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए "फायदेमंद" (Win-Win) साबित होगा। यह यात्रा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू की गई 'द्विपक्षीय व्यापार समझौता' (BTA) वार्ता को अंतिम रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बदलते वैश्विक परिदृश्य में समझौते का 'रीसेट'
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं।
- अदालती फैसला और नई व्यवस्था: 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के 'इमरजेंसी टैरिफ' को अवैध घोषित किए जाने के बाद, वाशिंगटन ने 24 फरवरी से सभी देशों पर एक अस्थायी 10% फ्लैट टैरिफ लागू किया है।
- भारत को लाभ: फरवरी में हुए शुरुआती समझौते के तहत, भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25% दंडात्मक शुल्क पहले ही हटा लिया गया था। अब मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय दल इस बात पर जोर दे रहा है कि नए टैरिफ ढांचे के तहत भारतीय निर्यातकों का प्रतिस्पर्धी लाभ बना रहे।
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बाजार पहुंच और भविष्य के लक्ष्य
भारत और अमेरिका के बीच इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य न केवल टैरिफ को कम करना है, बल्कि एक-दूसरे के बाजारों में पहुंच को आसान बनाना भी है।
- भारत की पेशकश: भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों (जैसे सोयाबीन तेल, नट्स और वाइन) और औद्योगिक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने के संकेत दिए हैं।
- अमेरिकी निवेश: बदले में भारत अमेरिका से ऊर्जा, विमान के पुर्जे और सेमीकंडक्टर इनपुट जैसे क्षेत्रों में लगभग 500 अरब डॉलर की खरीद की योजना को फिर से कैलिब्रेट कर रहा है।
वर्तमान वार्ता 22 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें दोनों पक्ष 'सेक्शन 301' के तहत जारी जांच और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती जैसे जटिल मुद्दों पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। राजदूत गोर के अनुसार, यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को और अधिक लचीला (Resilient) बनाएगा।